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क्रिप्टोकरेंसी क्या है और यह कैसे काम करती है?

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Cryptocurrency in Hindi यह डिजिटल मुद्रा है।
Cryptocurrency in Hindi

आज के इस लेख में हम क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कुछ विभिन्न पहलुओं की चर्चा करेंगे।

जिनमें "क्रिप्टोकरेंसी क्या है" क्रिप्टोकरेंसी कैसे काम करती है और साथ ही आपको बताएँगे की क्रिप्टोकरेंसी क्या लाभ हैं।


Table of Contents

  • क्रिप्टोकरेंसी क्या है-What is Cryptocurrency in Hindi

  • क्रिप्टोकरेंसी के प्रकार-Types of Cryptocurrency in Hindi

  • क्रिप्टोकरेंसी कैसे काम करती है

  • ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है

  • Cryptocurrency FAQ:-

    1. क्रिप्टोकरेंसी का क्या फायदा होता है?

    2. क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य क्या होगा ?

    3. क्रिप्टोकरेंसी क्या है और यह काम कैसे करता है?

क्रिप्टोकरेंसी क्या है-What is Cryptocurrency in Hindi


क्रिप्टोकरेंसी एक आभासी मुद्रा है। जिसे "डिजिटल" या “वर्चुअल" करेंसी भी कहते हैं । वास्तव में यह एक बाइनरी डेटा का सेट है। क्रिप्टो-करेंसी शब्द दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है, जिसमें “Crypto” जो लैटिन भाषा का एक शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ होता है “छुपा” हुआ जबकि “Currency” जिसका मतलब है मुद्रा।


आमतौर पर दुनिया की सभी मुद्रा / करेंसी को किसी न किसी देश की तरफ से ही जारी होती है, और सभी देश की केन्द्रीय सरकारें अपने बैंकों के माध्यम से उन मुद्राओं को नियंत्रित भी करती हैं। लेकिन क्रिप्टोकरेंसी पर किसी देश की सरकार या बैंक का कोई भी नियंत्रण नहीं होता है और न ही कोई संस्था इसकी कीमत तय कर सकती है।


क्रिप्टोकरेंसी का पूरा नियंत्रित बाज़ार करता है । यह एक तरह की काल्पनिक या आभासी मुद्रा है और इस मुद्रा से सिर्फ ऑनलाइन लेनदेन ही हो सकता है। आपको बता दें की, यह किसी सिक्के या नोट के रूप में हमारी जेब या बैंक में नहीं हो सकता। आपने कुछ क्रिप्टोकरेंसी का नाम सुना होगा जैसे-

बिटकॉइन (bitcoin), शीबा इनु(Shiba Inu), लिटकोइन (LTC), फेयरकॉइन (FAIR), डॉगकॉइन (Dogecoin), डैश (DASH) कुछ लोकप्रिय Cryptocurrency हैं।


क्रिप्टोकरेंसी के प्रकार-Types of Cryptocurrency

Cryptocurrency कई प्रकार की होती है लेकिन कुछ की मैंने यहाँ जानकारी दी है।
Cryptocurrency के प्रकार

क्रिप्टोकरेंसी कई प्रकार हैं लेकिन यहां हमने कुछ प्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसी के बारे में कुछ चर्चा कर रहे हैं-

  • बिटकॉइन (BTC) :- बिटकॉइन दुनिया की सबसे पहली और सबसे प्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसी हैं। यह सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली क्रिप्टोकरेंसी है। इसका निर्माण सतोशी नाकामोटो ने साल 2009 में किया था।

  • लाइटकॉइन (LTC) :- लाइटकॉइन भी बिटकॉइन की तरह ही आभासी मुद्रा हैं, यह भी डीसेंट्रलाइज्ड हैं और साथ ही पीर-टू-पीर टेक्नोलॉजी के तहत कार्य करती हैं। इसकी शुरुआत चार्ल्स ली ने सन 2011 के अक्टूबर महीने में की थी।

डीसेंट्रलाइज्ड (Decentralized) एक ऐसा सिस्टम है जिसमें Authority या Control किसी भी एक इंसान या किसी एक Company के पास में नहीं होता।
  • फेयरकॉइन (FAIR) :- यह अन्य क्रिप्टोकरेंसी की तरह ही ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी पर आधारित है। लेकिन इसकी डिजाइन सामाजिक रूप से रचनात्मक है।

  • रिप्पल (XRP) :- इस क्रिप्टोकरेंसी को सन 2012 में शुरू किया गया था, जो डिस्ट्रिब्यूटेड ओपन सोर्स प्रोटोकॉल पर आधारित है।

क्रिप्टोकरेंसी कैसे काम करती है

क्रिप्टोकरेंसी ब्लोकचैन पर काम कति है
क्रिप्टोकरेंसी करी प्रणाली

क्रिप्टोकरेंसी एक सार्वजनिक बहीखाता पर काम करती है जिसे ब्लॉकचेन कहते हैं, इसमें मुद्रा धारकों के द्वारा अद्यतन और रखे गए सभी लेनदेन का रिकॉर्ड रहता है।

खनन नामक प्रक्रिया के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी की इकाइयाँ बनाई जाती हैं, जिसमें सिक्के उत्पन्न करने वाली जटिल गणितीय समस्याओं को आसान करने के लिए कंप्यूटर का उपयोग करना पड़ता है।

क्रिप्टोकरेंसी किस तरह से कम करती हैं, इसे जानने के लिए आप नीचे दिए कुछ बिन्दुओं को पढ़ें –

क्रिप्टोकरेंसी का मुख्य कार्य होता हैं एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में आभासी मुद्रा को ट्रांसफर करना और यह कार्य ब्लॉकचैन के माध्यम से किया जाता हैं।


ब्लॉकचैन बैंक की तरह ही काम करती है। इसमें जो भी आदान-प्रदान किये जाते हैं, उनका पूरा रिकॉर्ड ब्लॉकचैन में होता है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम रहती है।

ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी की कुछ लोगों के द्वारा कंप्यूटर्स के माध्यम से निगरानी की जाती हैं। इस प्रक्रिया को क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग प्रोसेस कहते हैं।


जिस प्रकार बैंक में क्लर्क का काम होता हैं, वैसे ही इसमें भी काम होता है और जो यह काम करता है उन्हें माइनर्स कहा जाता है।

क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग प्रोसेस पूरी होने के बाद एक्सचेंज प्रोसेस आती हैं, जिसमें इसे एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर किया जाता हैं।


क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से जब खरीदारी या बिक्री करते हैं, तो इसके लिए कुछ वॉलेट होते हैं। जिसमे इसे स्टोर करते हैं।


ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी मूल रूप से इस तरह से जानकारी को रिकॉर्ड करने का एक प्रणाली है, जो सिस्टम को हैक करने में इसे बेहद मुश्किल या असंभव बना देती है। यह एक प्रकार की श्रंखला है, जिसका अर्थ है कि हर कदम खरते से संबंधित है और पिछले पर पूर्ण निर्भर है।


Cryptocurrency FAQ:-

1. क्रिप्टोकरेंसी का क्या फायदा होता है?

क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करने से कम फीस और तेज़ प्रोसेसिंग समय वाले दो व्यक्तियों या बिज़नेस के लिए ज्यादा आसानी होगी। हालांकि क्रिप्टोकरेंसी अभी भी कई लोगों के लिए अनजान है,

2. क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य क्या होगा ?

कुछ लोगों का मानना है की, क्रिप्टो करेंसी का भविष्य उज्ज्वल है और यह धन के वितरण, संचालन में सुधार कर सकती है। हालांकि, इसके साथ ही कुछ समस्याएं हैं, जैसे वैल्यू वोलेटिलिटी, वॉलेट हैकिंग और नियमकता की कमी आदि जो इसे भविष्य में आगे बढ़ने से रोक सकती हैं।

3. क्रिप्टोकरेंसी क्या है और यह काम कैसे करता है?

Cryptocurrency (क्रिप्टोकरेंसी) एक डिजिटल या वर्चुअल करेंसी होती हैं, जिसमें सुरक्षित लेनदेन के लिए क्रिप्टोग्राफी का उपयोग किया जाता है। और यह ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर काम करता है।

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